ग्रामीण उपयोग हेतु आकृति प्रौद्योगिकी पैकेज
(आकृति प्रौद्योगिकी पैक-एटीपी)

परिचय

भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में विकसित की गई विभिन्न प्रौद्योगिकियों का उपयोग विद्युत उत्पादन के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी करने के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग ने एक सामाजिक पहल शुरू की है। इसे हम अंग्रेजी में DAE-Societal Initiative के नाम से जानते हैं। इसके अंतर्गत  जल, कृषि, खाद्य संसाधन यानी Food Processing तथा शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में निकलने वाले कचरे, कूड़े-करकट को काम में लाकर कृषिभूमि के क्षेत्र में सुधार किया जाता है।  इस दायरे में रहते हुए, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, ट्रांबे, मुंबई अर्थात BARC में एक बहुत ही सुविचारित कार्यक्रम बनाया गया है जिसका नाम आकृति–कृतिक-फोर्स रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के तकनीकी-आर्थिक विकास के लिए इसे ऐसे एनजीओ अर्थात गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से लागू किया जाता है जिन्हें तकनीकों का उपयोग करने में रुचि हो। BARC द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों का लाभ बड़े पैमाने पर लोगों को मिल सके इसके लिए परमाणु ऊर्जा विभाग के मुख्य कार्यक्रमों में यह चौथा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसके लिए बहुत सी योजनाएं बनाई गई हैं और यह योजना उनमें से एक है। 

यह कार्यक्रम आरंभ से ही आकृति कार्यक्रम के नाम से जाना जाता है। आकृति शब्द इस कार्यक्रम के अंग्रेजी नाम Advanced Knowledge and RUral Technology Implementation initiative अर्थात उच्चस्तरीय ज्ञान और ग्रामीण क्षेत्र के लिए उपयोगी प्रौद्योगिकी लागू करने की पहल से बना है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत अनेक आकृति केंद्र स्‍थापित किए गए हैं जो 2006 से चल रहे हैं। इनके अलावा और भी अनेक केंद्र विभिन्न राज्यों में गैर-सरकारी संगठनों द्वारा स्थापित किए जा रहे हैं, जिसके लिए शर्त यह है कि इनको स्थापित करने और चलाने के लिए धन की व्यवस्था स्वयं ही करनी होती है। गैर-सरकारी संगठनों द्वारा चलाए जा रहे आकृति केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों के लिए BARC की प्रौद्योगिकियों की उपयोगिता सिद्ध कर रहे हैं और इनसे समाज को लाभ हो रहा है।  इसके अलावा इसने यह भी सिद्ध किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों के तकनीकी अभिरुचि वाले लोग, BARC के वैज्ञानिकों तथा इंजीनियरों के मार्गदर्शन में इन प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने में सक्षम हैं। इस कार्यक्रम में BARC प्रौद्योगिकियों पर आधारित ग्रामीण तकनीकी-उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने की पूरी संभावना है।

विशेष रूप से ग्रामीण उपयोग हेतु आकृति टेक पैक अर्थात ATP के रूप में यह प्रौद्योगिकी पैकेज 2009 में शुरू किया गया था। तकनीकी अभिरुचि वाले जो लोग चाहें वे बहुत कम शुल्‍क पर इसे प्राप्त कर सकते हैं। आकृति कार्यक्रम के माध्‍यम से ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी-आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए यह शहरी तथा ग्रामीण महिलाओं/उद्यमियों/उद्योगों/कंपनियों को भी उपलब्ध कराया जा रहा है। ATP के अवसर, संभावनाएं और लचीलापन बढ़ा दिए गए है किंतु अन्य सारी शर्तें पहले की ही तरह रहेंगी जो नीचे दी गई हैं:

आकृति टेक पैक फार्मेट

क. आकृति टेक पैक फार्मेटआकृति टेक पैक, आठ (8) वैकल्पिक प्रौ़द्योगिकियों तथा दो सलाहकार सेवाओं से मिलकर बना है जो आगे दी गई हैं :-

क्र.सं.

प्रौद्योगिकी

लाइसेंस शुल्क (रुपए)

1.

निसर्गऋण - बायोगैस संयंत्र - यह बायोडिग्रेडेबल अपशिष्‍ट अर्थात घरेलू कूड़ा-करकट, कचरा तथा ऐसी ही कुछ और बेकार चीजों के उपयोग पर आधारित है। 

12500

2.

भू-जैव कार्बन डिटेक्‍शन एंड टे‍स्टिंग किट (SOCDTK) - एक ऐसा उपाय जिससे जमीन की जाँच की जा सके।

10000

3.

वाइब्रो थर्मल डिसइनफेस्‍टर (VTD) - इससे बिना किसी केमिकल के अनाज में लगने वाले कीड़ों आदि से मुक्ति मिल जाती है।

5000

4.

फोल्‍डेबल सोलर ड्रायर (FSD)- सौर-ऊर्जा चालित, तह या मोड़कर रखा जा सकने वाला ड्रायर।

2500

5.

लीची को खराब होने से बचाने और उसके छिलके का रंग ताज़ा बनाए रखने की विधि - एक ऐसी नई प्रक्रिया जिसमें उपचार के बाद फलों को कम तापमान पर रखने से 45 दिन तक फल खराब नहीं होते।

25000

6.

घरेलू जल शोधक(DWP) - बैक्‍टीरियारहित, शुद्ध पेयजल प्राप्‍त करने की तकनीक जिसमें बिजली की जरूरत नहीं होती।

25000

7.

सौर ऊर्जा से चलने वाली पोर्टेबल डोमस्टिक ब्रैकिश वाटर रिवर्स ऑसमोसिस (BWRO) प्रौद्योगिकी - जो सौर ऊर्जा फोटोवोल्‍टेक प्रणाली पर आधारित है। इससे 1000–3000 मिग्रा. प्रति लीटर लवणता वाला बहुत खारा पानी भी पीने योग्य (50–300 मिग्रा. प्रति लीटर वाला) बन जाता है और एक घंटे में 10 लीटर तक शुद्ध पेय जल मिल सकता है। इससे प्राप्त जल में विषैले तत्‍व, रोगाणु या मटमैलापन भी बिल्कुल नहीं रहेगा। जिन दूरस्‍थ ग्रामीण इलाकों में बिजली उपलब्‍ध नहीं है या वोल्‍टेज सही नहीं है वहाँ के लिए यह बहुत उपयोगी है।

12500

8.

डिप एंड ड्रिंक मेम्‍ब्रेन पाउच - एक ऐसी प्रौद्योगिकी जो जैव संदूषित जल को  जीवाणुरहित करके पीने योग्य बना देती है। बाढ़, तूफान, सूनामी, भूकंप आदि की स्थितियों में दूर-दराज के क्षेत्रों/गांवों में यह प्रौद्योगिकी बहुत उपयोगी है।

5000


परामर्श (कन्‍सल्‍टेंसी)

1.     किरणन द्वारा कृषि–उत्‍पादों का संरक्षण:

यदि एटीपी धारक, कृषि उत्‍पादों के किरणन हेतु परामर्श लेना चाहें तो इसके लिए उन्हें अलग से अनुरोध करना होगा। ग्रामीण जागरूकता बढ़ाने तथा विकिरण संसाधन लाभ दिलाने की दृष्टि से उन्हें यह परामर्श सेवा प्रयोगिक के तौर पर नि:शुल्‍क उपलब्‍ध कराई जाएगी।  

2.    भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के नए बीज:

भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित नई किस्‍म की फसलों का प्रसार करने के लिए एटीपी धारकों को उनके क्षेत्र में उपयोगिता के अनुसार बीजों के नमूने उपलब्‍ध कराए जाएंगे। इसके लिए उन्हें अलग से अनुरोध करना होगा।  

आकृति टेक-पैक लाइसेंस शुल्क

ख)    आकृति टेक-पैक लाइसेंस शुल्‍क -- गाँवों में तकनीकी-उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और उन्‍हें इसमें सक्षम बनाने के लिए, जो लोग गाँव में इन गतिविधियों को शुरू करना चाहते हैं उन्‍हें ये प्रौद्योगिकियाँ कम मूल्‍य पर उपलब्‍ध कराई जाएँगी। इन गतिविधियों को शीघ्र आरंभ करने के लिए, जो उत्‍पाद अपने लिए उपयोगी लगें उन्हें वे चाहें प्रचालनरत आकृति केंद्रों से या उद्योगों से खरीद कर अपने क्षेत्र में काम में ला सकते हैं। अनुभव बढ़ने पर, इन प्रौद्योगिकियों को लागू करने के लिए, इस कार्यक्रम के तहत उपलब्ध कराई जाने वाली तकनीकी जानकारी तथा सहयोग से वे आस-पास के गाँवों में स्थानीय तकनीकी-उद्यमियों के साथ मिलकर ग्रामीण क्षेत्र में इन गतिविधियों का प्रचार-प्रसार कर सकते हैं

परमाणु ऊर्जा विभाग की सामाजिक पहल के अंतर्गत, ग्रामीण क्षेत्र में संभावनाशील तकनीकी-उद्यमियों को प्रोत्‍साहन देने और इन BARC प्रौद्योगिकियों को बड़े पैमाने पर लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लागू करने के लिए ये प्रौद्योगिकियाँ, स्‍थानीय ग्रामीणों को रियायती लाइसेंस शुल्‍क पर उपलब्‍ध कराई जाती हैं और शहरी उद्यमी भी ग्रामीण  क्षेत्रों में ये गतिविधियाँ कम दामों पर शुरू कर सकते हैं। उपरोक्त वर्णित सभी प्रौद्योगिकियाँ आकृति टेक पैक के अंतर्गत उपलब्‍ध कराई जाती हैं। क्षेत्र की आवश्‍यकता और अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार आवेदक अपनी इच्‍छानुसार, ग्रामीण क्षेत्र में लागू करने के लिए, इनमें से कोई एक या अनेक   प्रौद्योगिकियों को चुन सकते हैं ।

खरीदी गई प्रौद्योगिकियों को ग्रामीण क्षेत्र में सफलतापूर्वक लागू करने पर, एटीपी धारक प्रयोग के तौर पर, अपने क्षेत्र की आवश्‍यकता के अनुसार निम्‍नलिखित में से किसी भी नि:शुल्‍क परामर्श हेतु अनुरोध कर सकते हैं ।

1.    किरणन द्वारा कृषि-उत्पादों का संरक्षण करना :

विकिरण प्रौद्यागिकियों का प्रयोग कृषि उत्‍पादों के प्रभावशाली संरक्षण हेतु किया जा सकता है इससे खाद्य सुरक्षा बेहतर होती है और कृषि उपज में लगने वाले हानिकारक कीटों तथा जीवाणुओं से छुटकारा मिलता है जिससे अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। इसके प्रमुख तकनीकी लाभ तो यह होते हैं कि कीट नहीं लगते, अंकुरण रुकता है, पकने में देरी और खाद्य पदार्थों को खराब करने वाले सूक्ष्‍मजीवियों से सुरक्षा होती है। इससे चीजें ज्यादा समय तक खराब नहीं होतीं, स्वच्छता(हाईजीन) और सुरक्षा बढ़ती है। अत: यह आशा की जाती है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इन तकनीकी लाभों के प्रति जागरुकता को बढ़ावा मिले।

ग्रामीण क्षेत्रों में यह जागरुकता फैलाने के लिए, आकृति टेक पैक धारकों के क्षेत्र में उपलब्‍ध उत्‍पादों के नमूनों पर, प्रयोग के तौर पर, किरणन कराने की सुविधा नि:शुल्‍क उपलब्‍ध कराई जाएगी, इसके लिए उनको अलग से अनुरोध करना होगा। 

2.    भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के नए किस्म के बीज:

भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित नई किस्‍म की फसलों का प्रसार करने के लिए एटीपी धारकों को उनके क्षेत्र में बुआई करने के लिए बीजों के नमूने उपलब्‍ध कराए जाएंगे। इसके लिए उन्हें अलग से अनुरोध करना होगा।

ग. आकृति टेक पैक के लिए महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन -

महिला उद्यमियों को आकृति टेक पैक लाइसेंस शुल्‍क में 10% की अतिरिक्‍त छूट देकर और अधिक प्रोत्‍साहित किया जाता है। अन्‍य शर्तें समान हैं।

पात्रता के मानदंड

. पात्रता के मानदंड

  • जो लोग इन प्रौद्योगिकियों को अपनाना चाहते हैं उनमें तकनीकी अभिरुचि या तकनीकी पृष्‍ठभूमि के साथ-साथ गांव में उनके पास काम करने के लिए जमीन/साइट/खेत होना चाहिए।

  • खेती करने वाले ऐसे ग्रामीणों को वरीयता दी जाएगी जिनके काम बढ़ाने की संभावना हो या जो अपना पैसा लगाकर अपना काम बढ़ाना चाहते हों या जो धन की व्‍यवस्‍था कर सकते हों।

  • जो शहरी बाशिंदे आकृति टेक पैक पर आधारित गतिविधियां, गांवों में शुरू करना चाहते हैं उनके बारे में भी विचार किया जाएगा बशर्ते उनके पास गांव में काम करने लायक जमीन/ साइट/खेत हो।

  • आकृति टेक पैक,ग्रामीण क्षेत्र में व्यापक उपयोग हेतु(नॉनएक्‍स्‍लूसिव आधार पर)दिया जाता है।

टिप्‍पणी:  ये सभी प्रौद्योगिकियाँ, प्रौद्योगिकी हस्‍तांतरण करार के अंतर्गत व्यापक उपयोग के लिए उद्योगों को हस्‍तांतरित की गई हैं।

आकृति टेक पैक लगाने हेतु शर्तें

. आकृति टेक पैक लगाने हेतु शर्तें

  • यह काम केवल ग्रामीण क्षेत्र के लिए और ग्रामीण कामगारों के साथ किया जाए ।

  • ये गतिविधियाँ ग्रामीण क्षेत्र में ही की जानी चाहिए जिससे ग्रामीणों को रोजगार और उद्यमशीलता का अवसर मिले।

  • निसर्गऋण को छोड़कर अन्य गतिविधियों का कार्यस्थल/सुविधा ग्रामीण क्षेत्र में ही स्थापित की जानी जानी चाहिए और निसर्गऋण स्थापित करने की पूर्वशर्त नीचे दी गई है:- 

  • निसर्गऋण गाँव और शहर दोनों जगह स्‍थापित की जा सकती है किंतु शहरी क्षेत्र में निसर्गऋण की गतिविधि तभी शुरू की जा सकती है जब पहला संयंत्र (प्‍लांट) ग्रामीण क्षेत्र में स्‍थापित किया जा चुका हो।

  • गावों में बनाई गई चीज़ों की बिक्री शहरों में तभी की जा सकती है जब गाँव में उनकी जरूरत पूरी हो जाए।

  • आकृति टेक पैक लेने वाले व्‍यक्ति/उद्यमी/उद्योग/कंपनी  "आकृति-कृतिक-फोर्स" के उपयुक्त फार्मेट के साथ या उपरोक्त शर्तों पर दूसरे गांवों में काम करने वाले गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से उन गाँवों में प्रौद्योगिकियां लगा सकते हैं।

आकृति टेक पैक हेतु आवेदन प्रपत्र

आकृति टेक पैक हेतु आवेदन प्रपत्र

ग्रामीण विकास में इच्छुक कम्पहनियों के लिए
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ग्रामीण विकास में इच्छुक व्यॉक्ति/व्य क्तियों के ग्रुप हेतु
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विस्‍तृत ब्‍योरे के लिए संपर्क करें

  प्रभागाध्यक्ष
  प्रौद्योगिकी हस्‍तांतरण एवं सहयोग प्रभाग
  भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, ट्रांबे, मुंबई – 400 085
  फैक्‍स : 91 22 25505151/ 25505150
  फोन : +91 22 25595137
  ईमेल : headttcd@barc.gov.in